हरियाणा के स्कूलों में गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी

हरियाणा सरकार राज्य के स्कूलों में भगवद गीता को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव पर विस्तृत योजना तैयार कर रहा है।

सरकार का मानना है कि गीता के उपदेशों से छात्रों में नैतिक मूल्यों, जीवन कौशल और चारित्रिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस कदम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और दर्शन से जोड़ना है। शिक्षाविदों और धर्म गुरुओं से परामर्श लेकर पाठ्यक्रम को उम्र के अनुसार तैयार किया जा रहा है।

हालांकि, इस घोषणा को लेकर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। कुछ शिक्षाविदों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है, जबकि अन्य ने धर्मनिरपेक्ष शिक्षा व्यवस्था में धार्मिक ग्रंथों को शामिल करने पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक एजेंडा करार देते हुए आपत्ति जताई है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना को लागू करने से पहले सभी हितधारकों से विचार-विमर्श किया जाएगा। शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ चुनिंदा स्कूलों में इसे शुरू किया जा सकता है।