
हरियाणा में एक दिल दहला देने वाली घटना में चार वर्षीय निरवैर की मौत हो गई। बच्चा बोरवेल में गिर गया था, जिसके बाद 21 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में उसे बाहर निकाला गया। हालांकि, जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद से ही प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए। स्थानीय अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू दलों ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। बोरवेल की संकरी जगह और तकनीकी चुनौतियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी समय लग गया।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर खुले बोरवेल के खतरों को उजागर किया है। स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों में शोक की लहर है। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जो बच्चे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी खुले और परित्यक्त बोरवेल को तुरंत बंद करना जरूरी है। प्रशासन ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है।