Ayushman Yojana
Ayushman Yojana

यमुनानगर: 29 अप्रैल 2026: Ayushman Yojana: हरियाणा के यमुनानगर जिले में आयुष्मान भारत–चिरायु योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। महंगे इलाज के बीच यह योजना हजारों परिवारों के लिए सहारा बनकर उभरी है, जिससे उन्हें अब इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ रही।

जिले में लाखों पात्र परिवार इस योजना के दायरे में आते हैं, जिन्हें सरकार की ओर से ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

आंकड़ों में असर

पिछले दो वर्षों में जिले के 1.18 लाख से अधिक लाभार्थियों ने इस योजना के तहत इलाज कराया है।
इन उपचारों पर 122 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की गई है, जिसका वहन सरकार द्वारा किया जा रहा है।

इससे साफ है कि योजना ने स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों की पहुंच में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Ayushman Yojana का विस्तार

स्वास्थ्य सेवाओं को और व्यापक बनाने के लिए सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाया है।
अब 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को भी आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत शामिल किया जा रहा है, ताकि उन्हें भी मुफ्त इलाज का लाभ मिल सके। Ayushman Yojana

कार्ड और अस्पताल नेटवर्क

जिले में लाखों की संख्या में आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और
सरकारी व निजी मिलाकर 50 से अधिक अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं।

सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है, जिससे विकल्प बढ़े हैं और इलाज आसान हुआ है। Ayushman Yojana

सरकारी अस्पतालों में विशेष सुविधाएं

कुछ विशेष बीमारियों और सर्जरी—जैसे घुटना, हर्निया, अपेंडिक्स, मोतियाबिंद आदि—का इलाज केवल सरकारी अस्पतालों में ही किया जा रहा है।
इसके लिए समय-समय पर सर्जिकल कैंप भी लगाए जाते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों का इलाज हो सके।

चुनौतियां भी मौजूद

हालांकि, निजी अस्पतालों द्वारा भुगतान में देरी को लेकर कुछ आपत्तियां भी सामने आई हैं,
लेकिन प्रशासन का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, आयुष्मान–चिरायु योजना हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।
यह योजना उन परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जो पहले इलाज के खर्च से जूझते थे।