Haryana Idfc Bank Scam

Haryana Idfc Bank Scam: हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से करोड़ों रुपये की हेराफेरी के बहुचर्चित 590 करोड़ रुपये के घोटाले में जांच एजेंसियों ने अदालत से मुख्य आरोपितों को ऋभव ऋषि और अभय कुमार को 6 मार्च तक रिमांड पर भेज दिया।

Haryana Idfc Bank Scam

जांच एजेंसी के अनुसार, मामला बड़े पैमाने पर बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर्ड) बैंकिंग फ्रॉड और फर्जी लेनदेन के जरिए सरकारी धन को शेल कंपनियों में ट्रांसफर करने से जुड़ा है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। Haryana Idfc Bank Scam

जांच में सामने आया है कि शेल कंपनियों जैसे स्वास्तिक, कैप को फिनटेक और एसआरआर प्लानिंग आदि के कई बैंक खाते पहले स्तर पर चिन्हित किए गए हैं, जबकि दूसरे स्तर पर सैकड़ों खातों की पहचान हुई है। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रत्येक ट्रांजेक्शन की सत्यता की जांच कर आरोपियों से आमना-सामना कर पूछताछ की जानी है, जिसके लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता है।

एजेंसी ने अदालत को बताया | Haryana Idfc Bank Scam

पूर्व पुलिस रिमांड के दौरान कुछ अहम तथ्य सामने आए हैं, लेकिन जांच अभी भी निर्णायक चरण में है और अधूरी है। हाल ही में नए वित्तीय दस्तावेज, बैंक खातों के स्टेटमेंट, डिजिटल रिकॉर्ड और लेनदेन से संबंधित डेटा प्राप्त हुआ है, जिनमें 3 मार्च 2026 को मिले दस्तावेज भी शामिल हैं। इन नए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों से विस्तृत पूछताछ आवश्यक है।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों से धोखाधड़ी और जालसाजी के पूरे तरीके (मोडस ऑपरेंडी), अन्य शेल कंपनियों और लाभार्थी खातों की पहचान, सह-आरोपियों जिनमें सार्वजनिक सेवक और बैंक अधिकारी शामिल हो सकते हैं, की भूमिका तथा अपराध से अर्जित धन के अंतिम उपयोग के संबंध में पूछताछ की जानी है। Haryana Idfc Bank Scam

इसके अलावा आरोपियों द्वारा अपराध की आय से खरीदी गई चल एवं अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की बरामदगी भी की जानी है। हाल ही में हरियाणा सरकार के नौ विभागों से रिकॉर्ड प्राप्त हुआ है, जिसकी बारीकी से जांच कर कथित फर्जी दस्तावेजों के संबंध में आरोपियों का सामना कराया जाएगा। Haryana Idfc Bank Scam

जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि आरोपियों ने पूर्व रिमांड के दौरान भ्रामक और टालमटोल भरे जवाब दिए और सहयोग नहीं किया। बैंक खातों से जुड़े कॉल लॉग और ई-मेल लॉग आंशिक रूप से प्राप्त हुए हैं, शेष रिकॉर्ड एक-दो दिन में मिलने की संभावना है। इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर भी आरोपियों से पूछताछ की जानी है।

अदालत में पेश किए गए आवेदन में अनुरोध के बाद आरोपियों ऋभव ऋषि और अभय कुमार को 6 मार्च तक रिमांड पर भेज दिया। अभिषेक सिंगला और स्वाति सिंगला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।