समृद्ध हरियाणा, विरासत और विकास की थीम पर तैयार की गई झांकी में हरियाणा के समृद्धि के सफर की कहानी को दिखाया जाएगा। झांकी में हरियाणा की विरासत, तकनीकी से प्रगति और खेलों की उपलब्धियों को दिखाया जाएगा।

76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर लगातार चौथी बार हरियाणा की झांकी देखने को मिलेगी। झांकी में इस बार हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लैपटॉप पर काम करते हरियाणवी ताऊ और आधुनिक विकास को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं, पैराओलंपिक में झंडा बुलंद करने वाले पांच पैरालंपिक खिलाड़ी पहली बार झांकी में लाइव दिखेंगे। हरियाणा के सूचना, लोक संपर्क, भाषा व संस्कृति विभाग की ओर से झांकी को अंतिम रूप दे दिया गया है।

झांकी की शुरुआत में भगवान कृष्ण अर्जुन को गीता का उपदेश देते देखेंगे। कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर का दृश्य का दिखाई देगा। इसी स्थान पर भगवान कृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भागवत गीता का संदेश दिया था। 

उसके पिछले हिस्से में विकास और शिल्प की हरियाणवी बैलगाड़ी दिखेगी। जिसमें हरियाणा के शिल्प को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें सरकंडा शिल्प, चमड़े की जूतियां, पंजा दरी, चोप, बाग, फुलकारी, रेवाड़ी के पीतल बर्तन, सुराही व मिट्टी के बर्तनों की झलक देखने को मिलेगी। 26 जनवरी को हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने वाली झांकी में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धि के दृश्य को भी दिखाया जाएगा। झांकी के मध्य भाग में लैपटॉप पर काम करते एक ताऊ दिखेंगे। यह दृश्य बताएगा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हरियाणा ने कितनी तरक्की की है।

गगनचुंबी इमारत में दिखेंगे पैरालंपिक

झांकी के आखिरी हिस्से में गुरुग्राम की गगनचुंबी इमारतें दिखेंगी, जिस पर पांच पैरालंपिक खिलाड़ी होंगे। गुरुग्राम सार्वजनिक-निजी भागीदारी का शहरीकरण का अनूठा मॉडल है। इन इमारतों के ऊपर पैरालंपिक खिलाड़ी दिखेंगे, जिनमें नितेश कुमार, हरविंदर सिंह, योगेश कथुनिया, अरुणा और तरुण लाइव दिखेंगे। इन पांचों पैरालंपिक खिलाड़ियों ने पदक हासिल कर पूरे विश्व में हरियाणा का नाम रोशन किया है। ओलंपिक, पैरालंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के 30 फीसदी से अधिक पदकों में योगदान देता है।

पिछली तीन झांकियों की थीम

2022 में खेल में नंबर वन
2023 में गीता महोत्सव की थीम
2024 में मेरा परिवार-मेरी पहचान की थीम